प्रकृति मुझे पास बुलाए
दिल में मीठी शांति लाए
हर पत्ता जैसे गीत सुनाए
धरती प्यार से गले लगाए।
सुबह का सूरज रंग बिखेरे
धीरे-धीरे दिन को घेरे
हल्की हवा ये बात बताए
आज नया सपना मुस्काए।
नदियाँ मीठे गीत सुनाएँ
लहरें धीरे पास बुलाएँ
पर्वत चुप से खड़े रहें
फिर भी मन से बात करें।
फूलों पर ओस चमकती जाए
सुबह की किरण उसे सजाए
चिड़ियाँ प्यारी बोली बोलें
दिल के बंद दरवाजे खोलें।
नीले आसमान की बाँहों में
मन खो जाए राहों में
सारे ग़म अब दूर चले
खुशी के छोटे फूल खिले।
प्रकृति मुझे पास बुलाए
दिल में मीठी शांति लाए
हर पत्ता जैसे गीत सुनाए
धरती प्यार से गले लगाए।
हरियाली में दिल खिल जाए
थका हुआ मन चैन पाए
मिट्टी की खुशबू साथ चले
सपनों के दीपक फिर से जले।
शांत हवाएँ छूकर जाएँ
मन को मीठा सुकून दिलाएँ
पेड़ भी जैसे बोल रहे
जीवन के रंग खोल रहे।
इस सुंदर सी दुनिया में
प्रेम छुपा है हर कण में
जो दिल से इसको सुन ले
वो दुख को पीछे छोड़ दे।
रात में तारे चमक दिखाएँ
चाँद भी नरम उजाला लाए
धरती सोए शांत सी होकर
मन जागे सपनों को लेकर।
सुबह फिर से गीत सुनाए
नई उम्मीदें साथ में लाए
प्रकृति ही सच्चा साथी बने
दिल में प्यारा उजाला जगे।
प्रकृति मुझे पास बुलाए
दिल में मीठी शांति लाए
हर पत्ता जैसे गीत सुनाए
धरती प्यार से गले लगाए।
सुबह का सूरज रंग बिखेरे
हल्की हवा ये गीत कहे
प्रकृति ही सच्चा गीत बने
दिल में प्यार हमेशा रहे।